अष्टांग योग एवं चक्रों की अवधारणा से मानव विकास का संबंध
यह एक सर्वविदित तथ्य है कि अधिकांश भारतीय दार्शनिक संप्रदायों का उद्देश्य जीवन के व्यवहारिक समस्याओं का समाधान पाना रहा है। इसी क्रम भारतीय चिंतकों ने अपनी -अपनी स्थापनाओं के अनुरूप अपने चिंतन के ऐसे तत्वों का समावेश किया है,जिनसे व्यवहारिक जीवन का उन्नयन…
