यूजीसी (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा), एम.ए. (इतिहास), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
JournalRNIMJ
Volume / Issue2 / 2
Pages40–48
Published03 Apr 2026
Paper IDRNIMJ22AJ26006
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Article summary
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन “मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समन्वय” के वैचारिक एवं ऐतिहासिक
पहलुओं का विश्लेषण करता है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि मध्यकालीन भारत विविध धार्मिक परंपराओं
और सांस्कृतिक धाराओं का संगम था, जहाँ सह-अस्तित्व और संवाद की परंपरा विकसित हुई। धार्मिक
सहिष्णुता केवल शासकीय नीतियों का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह समाज के विभिन्न समुदायों के बीच आपसी
समझ, सहयोग और समन्वय का प्रतिफल भी थी। अध्ययन में यह भी दर्शाया गया है कि शासकों ने प्रशासनिक
उपायों और नीतियों के माध्यम से धार्मिक विविधता को संतुलित बनाए रखने का प्रयास किया, जिससे सामाजिक
स्थिरता और शांति बनी रही। अकबर के शासनकाल, सुल्तानकालीन प्रशासन तथा जैन-वैश्यिक समुदाय जैसे
उदाहरणों के माध्यम से यह सिद्ध किया गया है कि सहिष्णुता और समन्वय का स्वरूप बहुआयामी था। सांस्कृ
तिक समन्वय के संदर्भ में साहित्य, कला, वास्तुकला, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्रों में विभिन्न संस्कृतियों के तत्वों
का समागम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह समन्वय केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि
यह सामाजिक जीवन और ज्ञान-परंपराओं में भी गहराई से समाहित था। अंततः, अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत
करता है कि मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समन्वय ने सामाजिक एकता, स्थिरता और
सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ किया। यह प्रक्रिया विविधता में एकता के सिद्धांत पर आधारित थी, जिसने भारतीय
समाज को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाया।
Keywords
धार्मिक सहिष्णुतासांस्कृतिक समन्वयमध्यकालीन भारतसामाजिक समरसताप्रशासनिक
संरचनासांस्कृतिक विविधता।
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रणधीर कुमार (2026). मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन. ResearchNext International Multidisciplinary Journal, 2(2), 40–48. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006
रणधीर कुमार. “मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन.” ResearchNext International Multidisciplinary Journal, vol. 2, no. 2, 2026, pp. 40–48. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006
रणधीर कुमार. “मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन.” ResearchNext International Multidisciplinary Journal 2, no. 2 (2026): 40–48. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006
रणधीर कुमार (2026) ‘मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन’, ResearchNext International Multidisciplinary Journal, 2(2), pp. 40–48. Available at: https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006.
रणधीर कुमार, “मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन,” ResearchNext International Multidisciplinary Journal, vol. 2, no. 2, pp. 40–48, 2026. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006.
रणधीर कुमार. मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन. ResearchNext International Multidisciplinary Journal. 2026;2(2):40–48. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006.
रणधीर कुमार. मध्यकालीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक
समन्वयः एक वैचारिक अध्ययन. ResearchNext International Multidisciplinary Journal 2026, 2 (2), 40–48. https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2006.
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