अलवर जनपद में ब्राह्मण धर्म के संप्रदायों का ऐतिहासिक विश्लेषण
दिनेश मीणा, शोध छात्र, प्रा.भा.इति.सं. एवं पुरातत्व विभाग, गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार.
प्रो. प्रभात कुमार, प्रोफेसर, प्रा. भा. इति.सं. एवं पुरातत्व विभाग, गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार.
DOI: 10.64127/rnimj.2026v2i2001
DOI URL: https://doi.org/10.64127/rnimj.2026v2i2001
Published Date: 03 April 2026
Issue: Vol. 2 ★ Issue 2 ★ Apr-June 2026
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सारांश:

यह आलेख अलवर जनपद में ब्राह्मण धर्म के विभिन्न संप्रदायों के ऐतिहासिक विकास और उनके समाजशास्त्रीय प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में वैदिक, वैष्णव, शैव तथा शाक्त संप्रदायों की उत्पत्ति, विस्तार और स्थानीय समाज पर उनके प्रभाव का विवेचन किया गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन संप्रदायों ने न केवल धार्मिक जीवन को प्रभावित किया, बल्कि सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक परंपराओं और शक्ति-संतुलन के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आलेख में ऐतिहासिक परिवर्तनों के साथ इन संप्रदायों की बदलती स्थिति और वर्तमान संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता का समालोचनात्मक अध्ययन किया गया है।.

मुख्य शब्द: ब्राह्मण धर्म, संप्रदाय, अलवर जनपद, वैष्णव, शैव, शाक्त, समाजशास्त्रीय विश्लेषण, सांस्कृतिक प्रभाव, धार्मिक संरचना.